धर्म, अध्यात्म और आडम्बर
आज मैंने एक काफी जाने माने और खुद को एक आध्यात्मिक गुरु की तरह दिखाने वाले व्यक्ति के होने वाले समारोह का विज्ञापन देखा। वे आने वाली महाशिवरात्रि को एक कार्यक्रम करने वाले हैं। उनका यह कार्यक्रम हर वर्ष होता है। सिनेमा हाल की तरह इसमें भी जाने के लिए टिकट की आवश्यकता होती है। होता यूँ है कि महाशिवरात्रि की रात्रि में भगवान् शिव के कुछ भजन बड़े बड़े लाउडस्पीकरो पर बजाए जाते हैं और टिकटधारी जनता उस पर नाचती है। और इस तरीके से सबको आनंद की अनुभूति होती है। यह जो गुरु हैं ये श्वेत रंग की लम्बी दाढ़ी और केश रखते हैं। इनका इंटरव्यू बॉलीवुड की बड़ी बड़ी हस्तियां लेती हैं और ये अपने वाकपटुता के गुण से सबको चारों खाने चित कर देते हैं। चूँकि मेरा जिज्ञासु स्वभाव है अत: मेरे मन में कुछ प्रश्न उठते हैं जो इस प्रकार हैं? १) सामान्यता लम्बे केश और दाढ़ी वो साधू रखते हैं जिन्होंने इस संसार का पूरी तरह परित्याग कर दिया हो पर ये महाशय बड़ी बड़ी गाड़ियों में घूमते हैं , विदेशी इम्पोर्टेड मोटरसाइकिल चलाते हैं और खुद बाबा वाला रूप बना के घुमते हैं। क्या ये वाकई में संत हैं?...